ITR Filing Deadline आई सामने जानें अंतिम तिथि , चूकने पर क्या हो सकता है परिणाम
ITR Filing Deadline सामने आ चुकी है अगर अभी तक आपने टैक्सफिल नहीं किया है तो आपको इनकी डेट्स का पता होना चाहिए डेट निकलने के बाद आपके ऊपर फाइन लग सकता है।
ITR Filing Deadline आई सामने जानें अंतिम तिथि , चूकने पर क्या हो सकता है परिणाम
आईटीआर फाइलिंग की अंतिम तिथि सामने आ चुकी है अगर आपने अभी तक रिटर्न नहीं भरा है तो आपको अंतिम तिथि का जरूर पता होना चाहिए क्योंकि अगर आपसे चूक होती है तो आपको काफी सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है ITR Filling Deadline से जुड़ी सभी जानकारी आपको डिटेल्स में इस आर्टिकल में बताते हैं।
आईटीआर फाइलिंग की अंतिम तिथि
व्यक्तिगत करदाताओं जिनका अकाउंट ऑडिट नहीं होता उन के लिए 31 जुलाई असेसमेंट वर्ष की सामान्य अंतिम तिथि होती है। लेकिन इस बार इसे चेंज करके 15 सितंबर किया गया है। यदि किसी का ऑडिट आवश्यक है तो समय सीमा अक्सर 30 सितंबर या 31 अक्टूबर तक रहती है। सरकार परिस्थिति अनुसार इसमें बदलाव भी करती है।
यदि समय सीमा चूक जाए तो परिणाम
यदि आपको रिटर्न भरना है और अगर आप रिटर्न भरने से छूट जाते हैं यदि आप समय पर रिटर्न नहीं भरते तो आपको कई समस्याएँ झेलनी पड़ सकती हैं जो कि निम्न प्रकार से है -
• इसके लिए 5000 रुपये तक का लेट फाइलिंग फीस लग सकता है। इसके अलावा कुछ मामलों में 1000 रुपये तक का फाइन लगता है।
• कई बार आपको रिफंड में देरी या रिफंड पाने से वंचित होने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
• लॉस को आगे कैरी-फ़ॉरवर्ड करने का अधिकार खो सकते है।
• आप पर आय छुपाने का शक और पेनाल्टी नोटिस आ सकता है।
क्या है Belated Return
यदि कोई टैक्सपेयर नियत समय तक आईटीआर दाखिल नहीं करता तो वह Belated Return नाम से टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकता है।
• इसके लिए समय सीमा आमतौर पर 31 दिसंबर असेसमेंट वर्ष की होती है। हालांकि इसमें लेट फीस और ब्याज देना पड़ता है।
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Revised Return की सुविधा
अगर आपने आईटीआर फाइल करते समय गलती कर दी हो तो उसे बाद में संशोधित किया जा सकता है। इस में संशोधित रिटर्न की अंतिम तिथि भी आमतौर पर 31 दिसंबर तक रहती है। यह सुविधा छोटी-मोटी गलतियों को सुधारने के लिए होती है ताकि टैक्सपेयर पर दिक्कत न आए।
सरकार क्यों तय करती है अंतिम तिथि
यह सभी प्रक्रिया एक निश्चित समय पर पूरी होनी चाहिए। सरकार समय सीमा इसलिए तय करती है ताकि डेटा एनालिसिस समय पर किया जा सके और टैक्स कलेक्शन में पारदर्शिता बनी रहे। इसके साथ ही लोग समय पर जवाबदेह रहें और टैक्स चोरी न कर सकें।
समय सीमा के भीतर फाइलिंग के फायदे
हमें कोई भी काम वैसे भी समय सीमा के अंदर करना ही चाहिए उसी तरह नियत समय में आईटीआर दाखिल करने के कई लाभ हैं इसमें टैक्स रिफंड जल्दी मिलता है।
• इसके साथ ही बैंक लोन के लिए इनकम का कानूनी प्रमाण आसानी से उपलब्ध होता है और वीज़ा आवेदन में मदद मिलती है इससे दंड और ब्याज से बचाव होता है
डेट्स का रखें ध्यान
2025 के लिए आईटीआर फाइलिंग डेडलाइन के बारे में आपको पता होना चाहिए उसके साथ ही सभी डेट्स का भी आपको पता होना चाहिए। असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए आपको एक बार डेट्स बता देते हैं जिनका आपको ध्यान रखना है।
• नॉन-ऑडिट केसों के लिए अंतिम तिथि - 15 सितंबर 2025
• ऑडिट केसों के लिए अंतिम तिथि - 31 अक्टूबर 2025
• संशोधित या देर से रिटर्न की अंतिम तिथि - 31 दिसंबर 2025
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